विज्ञान का अर्थ एवं परिभाषाएँ

विज्ञान से आशय-साधारण: योग विज्ञान का अर्थ विशेष प्रकार की विषय-साममो (Subject.Nallur) से ही लगाते है । इस दृष्टि से ये सामाजिक तथ्यों एवं घटनाओं सामाजिक समूहों, समस्याओं, समाजों एवं सामाजिक सम्बन्ध का अध्ययन करने वाले विषय की अपेक्ष रसायनशास, भौतिक शास्त्र, जीव विज्ञान, वनस्पतिशास्त्र आदि विषयों को ही विज्ञान मानते हैं। जबकि वास्तव में विज्ञान अपने आप में कोई विषय सामग्री न होकर वैज्ञानिक पद्धति से प्राप्त किया गया व्यवस्थित ज्ञान होता है दूसरे शब्दों में विज्ञान किसी बस्तु के सम्बन्ध में पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने की कता है । विज्ञान का सम्बन्ध किसी विषय-वस्तु से नहीं चरन अप्ययन-पदधति से है। विज्ञान की परिभाषा-‘विज्ञान’ के विभिन्न परिभाषाएं निम्नानुसार है-डॉ. सेंगर के अनुसार, विज्ञान एक प्रक्रिया है जो कि ज्ञान का निर्माण करती है। जूलियन हक्सले के अनुसार, विज्ञान बल कार्य करता है जिसके द्वारा हम आज प्रकृति के तथ्यों के विषय में ज्ञान तक उन पर नियंत्रण का अधिकतर भाग प्राप्त करते है। कार्ल पियर्सन के अनुसार, “समस्त विज्ञान की एकता केवल उसकी पद्धति में है न किउस की अध्ययन-साममी में ।आर. एन. मुखर्जी के अनुसार, किसी पी अध्ययन-वस्तु के सम्बन्ध ने वैज्ञानिक पद्धति के द्वारा प्राप्त ज्ञान के क्रमबद्ध या नियम व संगठन को विज्ञान कहते हैं।गिलिन तथा गिलिन के अनुसार, “किस छेत्र का हम अनुसंधान वना चाहते हैं उसकी ओर से निश्चित प्रकार की पद्धति ही विज्ञान को वास्तविक पहचान है।

विज्ञान की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं।

1. विज्ञान सत्य की खोज करता है।

2 विज्ञान में कार्य और कारण में सम्पर्क स्थापित किया जाता है।

3. विज्ञान कही सुनी बात पर विश्वास नहीं करता।

कार 4. प्रयोगशाला एवं यन्त्रों का उपयोग विज्ञान के लिये आवश्यक है।

5. विज्ञान भवि्यवाणी करने में सक्षम है।

6. विज्ञान में सार्वभौमिकता का गुण पाया जाता है।

7. विज्ञान द्वारा सिद्धान्त एवं नियमों का न केवल प्रतिपादन वरन् समय-समय पर उनका
परीक्षण भी होता है।

8. विज्ञान स्वयं तटस्थ रहता है।

9. विज्ञान के नियमों में नियमितता पायी जाती है।

10. विज्ञान के अन्तर्गत एक वैज्ञानिक अपनी सफलता का मापदण्ड कर सकता है।

You Might Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *